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 स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर संभागायुक्त ने किया पाटन ब्लाक का सघन निरीक्षण
शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का प्रमुखता से क्रियान्वयन करने दिये निर्देश
कलेक्टर डा. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं अन्य अधिकारी भी इस दौरान रहे मौजूद

दुर्ग : संभागायुक्त श्री टीसी महावर ने आज पाटन ब्लाक का सघन निरीक्षण किया। यहां उन्होंने राजस्व, कृषि, शिक्षा एवं अन्य विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और इस संबंध में विस्तृत निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे भी मौजूद रहे। श्री महावर ने अधिकारियों को कहा कि मुख्य सचिव ने बीते दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गोधन विकास योजना, गिरदावरी एवं शासन की सभी फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए थे। इन पर युद्धस्तर पर कार्रवाई जमीनी अमले द्वारा की जानी है। कलेक्टर ने उन्हें जिले में इस संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तार से जानकारी दी।

गिरदावरी कार्य देखने पहुंचे खुड़मुड़ी- ग्राम खुड़मुड़ी में गिरदावरी का कार्य चल रहा था। वहां पर संभागायुक्त ने स्वयं गिरदावरी कार्य होते देखा। उन्होंने राजस्व अमले को कहा कि गिरदावरी का कार्य गंभीरता से करें। वहां पटवारी द्वारा की जा रही गिरदावरी की जांच भी उन्होंने की। उन्होंने कहा कि टाइमटेबल के मुताबिक गिरदावरी का कार्य कराएं। उन्होंने कहा कि सारी एन्ट्री समय पर पूरी करा लें। संभागायुक्त ने कहा कि गिरदावरी का कार्य बेहतर तरीके से होने से रिकार्ड काफी अच्छा रहता है जिससे राजस्व के कार्यों में आसानी होती है और किसानों के हितों के संबंध में निर्णय लेने में आसानी होती है।
वर्मी टैंक का किया निरीक्षण- संभागायुक्त ने ग्राम सिकोला में गौठान का निरीक्षण किया। यहां के गौठान समिति के सदस्यों ने बताया कि पूर्व में यहां से  133 किलोग्राम वर्मी कंपोस्ट बेचा जा चुका है। संभागायुक्त ने रोज के गोबर खरीदी की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण तेजी से गोबर विक्रय कर रहे हैं। इसके मुताबिक वर्मी कंपोस्ट भी सुनिश्चित करा लें। उन्होंने पहाटियों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि गौठान समिति जितना सक्रिय होंगी, उतना ही बेहतर गौठान का संचालन हो सकेगा और ग्रामीण विकास का जरिया खुलेगा।

गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की- संभागायुक्त ने गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि हर गांव में गौठान समिति को सक्रिय होकर कार्य करना बहुत जरूरी है। हर दिन गौठान की स्थिति की समीक्षा करना, किसी तरह की दिक्कत हो तो इसे प्रशासनिक स्तर पर अवगत कराना। ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों को गोधन न्याय योजना से जोड़ना आवश्यक है। श्री महावर ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट के लिए ट्रेनिंग बहुत आवश्यक है। जितनी बेहतर ट्रेनिंग होगी, वर्मी कंपोस्ट की क्वालिटी उतनी ही बेहतर होगी।

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