आजीविका मिशन से निर्मला बनीं आत्मनिर्भर

आजीविका मिशन से निर्मला बनीं आत्मनिर्भर

ड्रिप सिंचाई से कर रही खीरा की खेती

कम लागत से अर्जित कर रही अधिक मुनाफा

ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के लिए नई राह

बलरामपुर : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद पंचायत बलरामपुर के डौरा में गठित छाया महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य निर्मला दीदी ने अपनी मेहनत और नवाचार से सफलता की नई मिसाल पेश की है।

निर्मला दीदी ने अपने 1.5 एकड़ कृषि भूमि में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रीप सिस्टम के माध्यम से खीरा की खेती शुरू की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगभग 30,000 रुपये की लागत से खेती की शुरुआत की और बेहतर देख-रेख एवं मेहनत से अच्छा उत्पादन किया। निर्मला दीदी बताती हैं कि अब तक वे दो बार खीरा की बिक्री कर लगभग 60,000 रुपये की आमदनी प्राप्त कर चुकी हैं। वे कहती हैं कि वर्तमान सीजन में उन्हें कुल मिलाकर लगभग 1.5 लाख रुपये तक की आय होने का अनुमान है।

निर्मला बताती है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहयोग मिला, और नई-नई आजीविका गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और अब प्रभावित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी प्रेरित हुई हैं और उन्नत खेती एवं आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

गौरतलब है कि जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है साथ ही आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।