एफएसएसएआर्ई नियमों में बड़े सुधार से छोटे खाद्य व्यापारियों को मिली बड़ी राहत-पारवानी

रायपुर, 16 मार्च। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी ने बताया कि देशभर के व्यापारियों द्वारा समय-समय पर उठाए गए मुद्दों और उनके समाधान के लिए किए गए सतत प्रयासों का एक महत्वपूर्ण परिणाम हाल ही में खाद्य व्यवसायों से संबंधित नियमों में किए गए व्यापक सुधारों के रूप में सामने आया है। श्री पारवानी ने बताया कि एफएसएसएआई द्वारा जारी हालिया अधिसूचनाओं के माध्यम से खाद्य व्यापारियों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के समक्ष देशभर के व्यापारियों ने समय-समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठकों एवं बोर्ड मीटिंग्स के माध्यम से एफएसएसएआई लाइसेंस से जुड़ी जटिलताओं, अनुपालन प्रक्रियाओं तथा व्यावहारिक समस्याओं को उठाया था। श्री पारवानी ने बताया किइन सुझावों और मांगों को व्यवस्थित रूप से संबंधित मंत्रालयों तक पहुँचाया गया, जिसके परिणाम स्वरूप भारत सरकार द्वारा नियमों को अधिक सरल एवं व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से मूल पंजीकरण के लिए वार्षिक कारोबार की सीमा 12 लाख से बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दी गई है। इस निर्णय से देशभर के सूक्ष्म एवं लघु खाद्य व्यवसायों को अनुपालन के बोझ से बड़ी राहत मिलेगी तथा छोटे व्यापारियों के लिए व्यवसाय करना अधिक सरल होगा। श्री पारवानी ने आगे बताया कि नगर निकायों में पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स को अब एफएसएसएआई के अंतर्गत स्वत: पंजीकृत माना जाएगा, जिससे विभिन्न विभागों में अलग-अलग पंजीकरण कराने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से देश के 10 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। एफएसएसएआई लाइसेंस को स्थायी वैधता प्रदान करने का प्रावधान भी किया गया है, जिससे बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण की जटिल प्रक्रिया समाप्त होगी और नियामकीय व्यवस्था का ध्यान खाद्य सुरक्षा निगरानी तथा जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली पर अधिक केंद्रित किया जा सकेगा। श्री पारवानी ने बताया कि इन महत्वपूर्ण सुधारों के लिए भारत सरकार का यह निर्णय व्यापारी समुदाय के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ देश के खाद्य व्यापार को अधिक संगठित, सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

एफएसएसएआर्ई नियमों में बड़े सुधार से छोटे खाद्य व्यापारियों को मिली बड़ी राहत-पारवानी
रायपुर, 16 मार्च। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी ने बताया कि देशभर के व्यापारियों द्वारा समय-समय पर उठाए गए मुद्दों और उनके समाधान के लिए किए गए सतत प्रयासों का एक महत्वपूर्ण परिणाम हाल ही में खाद्य व्यवसायों से संबंधित नियमों में किए गए व्यापक सुधारों के रूप में सामने आया है। श्री पारवानी ने बताया कि एफएसएसएआई द्वारा जारी हालिया अधिसूचनाओं के माध्यम से खाद्य व्यापारियों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के समक्ष देशभर के व्यापारियों ने समय-समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठकों एवं बोर्ड मीटिंग्स के माध्यम से एफएसएसएआई लाइसेंस से जुड़ी जटिलताओं, अनुपालन प्रक्रियाओं तथा व्यावहारिक समस्याओं को उठाया था। श्री पारवानी ने बताया किइन सुझावों और मांगों को व्यवस्थित रूप से संबंधित मंत्रालयों तक पहुँचाया गया, जिसके परिणाम स्वरूप भारत सरकार द्वारा नियमों को अधिक सरल एवं व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से मूल पंजीकरण के लिए वार्षिक कारोबार की सीमा 12 लाख से बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दी गई है। इस निर्णय से देशभर के सूक्ष्म एवं लघु खाद्य व्यवसायों को अनुपालन के बोझ से बड़ी राहत मिलेगी तथा छोटे व्यापारियों के लिए व्यवसाय करना अधिक सरल होगा। श्री पारवानी ने आगे बताया कि नगर निकायों में पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स को अब एफएसएसएआई के अंतर्गत स्वत: पंजीकृत माना जाएगा, जिससे विभिन्न विभागों में अलग-अलग पंजीकरण कराने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से देश के 10 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। एफएसएसएआई लाइसेंस को स्थायी वैधता प्रदान करने का प्रावधान भी किया गया है, जिससे बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण की जटिल प्रक्रिया समाप्त होगी और नियामकीय व्यवस्था का ध्यान खाद्य सुरक्षा निगरानी तथा जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली पर अधिक केंद्रित किया जा सकेगा। श्री पारवानी ने बताया कि इन महत्वपूर्ण सुधारों के लिए भारत सरकार का यह निर्णय व्यापारी समुदाय के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ देश के खाद्य व्यापार को अधिक संगठित, सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।