'मुर्गी, बकरी और गाय पालन से उर्मिला अर्जित कर रही लाखों की आमदनी

बलरामपुर : ग्रामीण अंचलों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शासन-प्रशासन द्वारा सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के विविध

'मुर्गी, बकरी और गाय पालन से उर्मिला अर्जित कर रही लाखों की आमदनी

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा

खुशी समूह से जुड़कर बनीं आत्मनिर्भर

लखपति दीदी के रूप में बनाई पहचान

बलरामपुर : ग्रामीण अंचलों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शासन-प्रशासन द्वारा सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के विविध साधनों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।

जनपद पंचायत बलरामपुर के ग्राम धनगांव की निवासी श्रीमती उर्मिला साना कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक अभावों से जूझने को मजबूर थी। समूह से जुड़ने से पहले उनका परिवार खेती और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था, जिससे उनकी आय सालाना हजारों रुपये में सीमित थी। सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करना भी कठिन हो जाता था और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना किसी चुनौती से कम नहीं था। परिस्थितियों से जूझते हुए उर्मिला ने हार नहीं मानी और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत खुशी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव की नई शुरुआत की।

समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत एवं समूह के माध्यम से ऋण लेकर अपनी आजीविका गतिविधियों का विस्तार भी किया। उर्मिला ने लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर मुर्गी, बकरी, बतख और गाय पालन का कार्य शुरू किया। उर्मिला की मेहनत, लगन और समुचित प्रबंधन के परिणाम स्वरूप उनकी वार्षिक आय में वृद्धि हुई और आज उनका परिवार लगभग 4 लाख 20 हजार रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहा है।

उर्मिला बताती हैं कि पहले जहां घर का खर्च चलाना भी कठिन था, वहीं आज वे लखपति दीदी बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहीं हैं, साथ ही गांव की अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़कर लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।