ई.एंड.एम. द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए किलकिला एनीकट के गेटों में किया गया आवश्यक सुधार

ई.एंड.एम. द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए किलकिला एनीकट के गेटों में किया गया आवश्यक सुधार

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा

जशपुर : समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘‘गर्मी के दस्तक के साथ ही सुखी मांड नदी की हलक‘‘ के संबंध में जल संसाधन संभाग कुनकुरी के कार्यपालन अभियंता ने जानकारी देते हुए बताया है कि मांड नदी पर ग्राम किलकिला में विभाग द्वारा निर्मित किलकिला एनीकट योजना है इस योजना की जल भराव क्षमता 0.227 एमसीयूएम है इस योजना से वर्तमान में 25-30 एकड़ सिचाई के लिए पानी दिया जा रहा है साथ ही पत्थलगांव के लिए पेय जाल की सप्लाई नगर पंचायत पत्थलगांव द्वारा किया जाता है।

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी किलकिला एनीकट का गेट 25-26 अक्टूबर 2025 को बंद कर दिया गया था कुछ समय बाद गेटों में लीकेज की समस्या देखी गई जिसके पश्चात पुनः 08 जनवरी 2026 को पत्र लिखकर ई एंड एम कुनकुरी को सूचना दी गई। ई एंड एम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 09 जनवरी 2026 को अपनी टीम भेजकर गेटों में आयश्यक सुधार किया गया एवं नगर पालिका के सी. एम. ओ. से बात कर उनको इंटेक वेल में कार्यरत मजदूरों की सहायता से लीकेज बंद किया गया। जिससे पुन एनीकट में पानी ऊपर से चलने लगा।

इस वर्ष 20 से 25 जनवरी यो आस पास नदी का बहाव पूर्ण रूप से बंद हो गया था जिसके कारण सिंचित पानी से सिंचाई एवं पेयजल दोनों के लिए पानी प्रदाय किया गया। चूंकि एनीकट की जल भराव क्षमता 0.227 एमसीयूएम है इस जल से सिंचाई वो साथ साथ पेयजल हेतु जल सीमित समय के लिए ही लिया जा सकता है वर्तमान में नदी के  बहाव  बंद होने के दो माह तथा पानी लिया गया जिसके फलस्वरूप एनीकट सुख गया है । चूंकि योजना का निर्माण पर्ष 2009-10 में पूर्ण हुआ है इतने समय में गेटों में कुछ मात्रा में लीकेज स्वाभाविक है एवं संरचना से भी कहीं कहीं लीकेज हो रही है जिसके मरम्मत हेतु वर्ष 2024 में राशि 299.31 लाख का प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत किया गया था किंतु स्वीकृति के अभाव में कार्य प्रारंभ नहीं हो सका और कार्य बजट से बाहर हो गया।

पुनः वर्ष 2026-27 में उक्ता मरम्मत कार्य बजट हेतु प्रस्तावित किया गया किंतु इस वर्ष के बजट में कार्य शामिल नहीं हो पाया। जिसके कारण इस वर्ष भी मरम्मत नहीं हो पाया। इस प्रकार विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतते हुए निरंतर विभाग की शाखा ई एंड एम से लगातार संपर्क कर गेट में आवश्यक सुधार कराया गया। एनीकट में लीकेज तो था किंतु एनीकट का लीकेज अगर पूर्ण रूप से बंद होता भी तो दो से तीन दिन ही अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता था।

लीकेज के कारण अत्यधिक मात्रा में पानी का वेस्टेज नहीं हुआ है। भविष्य में उक्त कार्य का प्रस्ताव पुनः विभाग द्वारा उच्च कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा स्वीकृति उपरांत कार्य प्रारंभ किया जायेगा।