जनजातीय विकास विभाग का सुशासन की ओर बड़ा प्रशासनिक कदम

रायपुर : आदिम जाति विकास विभाग ने बस्तर, सरगुजा एवं बिलासपुर संभागों के अनुसूचित क्षेत्रों में संचालित प्रमुख जनजातीय कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत् मॉनिटरिंग एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने

जनजातीय विकास विभाग का सुशासन की ओर बड़ा प्रशासनिक कदम

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा

योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की संभागीय स्तर पर तैनाती

रायपुर : आदिम जाति विकास विभाग ने बस्तर, सरगुजा एवं बिलासपुर संभागों के अनुसूचित क्षेत्रों में संचालित प्रमुख जनजातीय कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत् मॉनिटरिंग एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार उपलब्ध स्वीकृत पदों के विरुद्ध अपर संचालक स्तर के अधिकारियों को संभागीय स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह व्यवस्था नक्सल हिंसा के कारण प्रवासित लोगों के पुनर्वास कार्य, नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने, विशेष केन्द्रीय सहायता योजना (बस्तर पैकेज), धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA), प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM JANMAN), वन अधिकार अधिनियम-2006, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों, विभागीय छात्रावास एवं आश्रमों के संचालन, संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों तथा एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना (ITDP) की गतिविधियों, के प्रभावी, समयबद्ध व परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण एवं संभागीय स्तर पर समन्वय तथा समय-समय पर सौंपे गए दायित्वों की पूर्ति के उद्देश्य से की गई है।

आदेश के तहत श्री जितेन्द्र कुमार गुप्ता, अपर संचालक को सरगुजा संभाग तथा श्री राधेश्याम भोई, अपर संचालक को बस्तर संभाग की योजनाओं एवं कार्यों के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं श्री तारकेश्वर देवांगन, अपर संचालक को आयुक्त कार्यालय में पदस्थ किया गया है।

विभाग की मंशा है कि वरिष्ठ अधिकारियों की संभागीय स्तर पर तैनाती से जनजातीय क्षेत्रों में संचालित शासन के फ्लैगशिप योजनाओं की निगरानी मजबूत होगी, जमीनी स्तर पर समन्वय बढ़ेगा तथा योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पात्र हितग्राहियों तक पहुंच सकेगा। यह कदम विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ आदिवासी अंचलों में विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी।