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 वित्त मंत्रालय का बड़ा बयान, कोरोना वैक्सीन के वितरण पर कहा-टीका पहुंचाने में आड़े नहीं आएगा बजट
नई दिल्ली :  देश में कोरोना वैक्सीन के ट्रायल तेजी से चल रहे हैं। माना जा रहा है कि, इस साल के अंत तक देश को एक कोरोना वैक्सीन मिल सकती है। इसी बीच व्यय सचिव टीवी सोमनाथन ने कोविड 10 की वैक्सीन की डिलीवरी को लेकर अहम बयान दिया है। व्यय सचिव ने कहा कि, सरकार के पास सभी को कोविड -19 के टीके की डिलीवरी सुनिश्चित करने पर्याप्त संसाधन हैं। एक बार वैक्सीन आ जाने के बाद यह आसानी से देश के हर नागरिक तक पहुंच जाएंगे।

सभी तक वैक्सीन पहुंचाने का पर्याप्त बजट
व्यय सचिव टीवी सोमनाथन ने गुरुवार इकॉनोमिक टाइम्स से कहा कि, हमने इस बारे में एक अनुमान लगाया है और मैं आपको यह बहुत साफ साफ बता सकता हूं कि देशभर में कोरोना वैक्सीन हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाने में बजट कोई बाधा नहीं है। वित्त मंत्रालय ने सभी उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से यह क्षमता विकसित कर ली है। जब कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी तो इसे देश के हर व्यक्ति तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।

मुफ्त कोरोना वैक्सीन पर कही ये बड़ी बात
दरअसल हाल में ही कई ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं। जिनमें कहा गया था कि कोरोना की वैक्सीन आ जाने के बाद भी देश के 130 करोड़ लोगों तक इसे पहुंचाना वित्तीय और लॉजिस्टिक सुविधा के हिसाब से एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। टीवी सोमनाथन से जब यह पूछा गया कि, क्या कोरोनावायरस की वैक्सीन देश के लोगों को मुफ्त में दी जाएगी। तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि, इस मामले में फैसला स्वास्थ्य मंत्रालय को लेना है।

स्वास्थ्य मंत्रालय और नीति अयोग तय करेगा वैक्सीन का वितरण
उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि देश में बहुत से लोग ऐसे हैं जो कोरोना वैक्सीन के लिए कीमत चुका सकते हैं। सार्वजनिक धन का सदैव विवेक के साथ उपयोग किया जाना चाहिए। किसे मुफ्त दिया जाना चाहिए और कैसे-प्राथमिकता तय करने की जिम्मेदारी मैं स्वास्थ्य विशेषज्ञों पर छोड़ दूंगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय और नीति अयोग के सदस्य वीके पॉल की अध्यक्षता वाली समिति वितरण के विवरण को तैयार कर रही है।
 

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