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रायपुर : 23 नवंबर से पांच जिलों में लगाया जाएगा जेई का टीका

 23 नवंबर से 18 दिसंबर की अवधि, राज्य सरकार ने की निर्धारित


 टास्क फोर्स की बैठक में अभियान की तैयारियों पर हुई चर्चा

रायपुर : जैपनीज इंसेफलाइटिस ( जेई) के टीके 23 नवंबर से प्रदेश के पांच जिलों में लगाए जाएंगे। राज्य सरकार ने जेई टीकाकरण अभियान के लिए 23 नवंबर से 18 दिसंबर की अवधि निर्धारित की है। इसे लेकर गुरूवार को राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई।

अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्लई  की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जेई टीकाकरण संबंधित तैयारियों के साथ ही संभावित परेशानियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। हर दौरान अपर मुख्य सचिव ने  जेई अभियान में 1 वर्ष से 15 वर्ष तक के लक्षित सभी बच्चों को जैपनीज इंसेफलायटिस( जेई) का टीका अनिवार्य रूप से लगाए जाने और अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का निर्देश दिया।
 
उल्लेखनीय है जैपनीज इंसेपलायटिस ( जेई) एक गंभीर बीमारी है, जिसके 70 प्रतिशत रोगी या तो मृत हो जाते हैं अन्यथा दीर्घकालिक न्यूरोल़जिकल विकलांगता से ग्रसित हो जाते हैं। यह बीमारी 1 से 15 वर्ष के बच्चों को ही ज्यादा प्रभावित करता है।
 
इस बीमारी की रोकथाम टीकाकरण से ही संभव है। भारत सरकार के निर्देशानुसार राज्य के बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी और कोंडागांव जिले में जेई टीकाकरण अभियान चलाया जाना है। इसके लिए राज्य सरकार ने भी 23 नवंबर से 18 दिसंबर की अवधि निर्धारित की है। 

चार सप्ताह चलेगा अभियान- राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए जेई टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान चार सप्ताह तक चलाया जाएगा।
पहले दो सप्ताह  सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों जहां पर 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे पढ़ते हों, वहां टीकाकरण किया जाएगा। इसी तरह अगले दो सप्ताह ( अभियान के तीसरे और चौथे सप्ताह) अभियान समुदाय अर्थात गांव के स्वास्थ्य केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, अतिरिक्त केन्द्रों, उपकेन्द्रों तथा अन्य नियमित टीकाकरण सत्र स्थल ईंट भट्ठे आदि स्थलों पर चलाया जाएगा।
 
ईंटभट्ठे में टीकाकरण अभियान के लिए मोबाइल टीम की सहायता ली जाएगी। इस दौरान यह प्रयास किया जाएगा कि कोई भी बच्चा टीके से वंचित ना रहे। डॉ. ठाकुर ने बताया इस जेई अभियान के दौरान मंगलवार एवं शुक्रवार को नियमित टीकाकरण सत्र यथावत चलते रहेंगे।

जिला स्तर पर प्रशिक्षण- जिला स्तर पर अभियान के शत-प्रतिशत सफलता और कार्यक्रम के नियमित रूप से पर्यवेक्षण, कोल्ड चेन श्रृखला  सुदृढ़ीकरण, एईएफआई प्रबंधन, डाटा संकलन के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
 
अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में जिला स्तरीय बैठक आयोजित होगी। बैठक में सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर ,सम्मिलित होंगे। इसके अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) मुख्य रूप से शामिल होंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम एवं स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं को  15 अक्टूबर तक प्रशिक्षण जिला स्तर पर दिया जाएगा।

कोर ग्रुप का गठन- जिला स्तर पर जेई ऑपरेशनल कोर ग्रुप का गठन किया जाएगा। इसकी बैठक में कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी ( महिला एवं बालव विकास विभाग) जिला कार्यक्रम अधिकारी ( आदिमजाति कल्याण विभाग), जिला समन्वयक मितानिन, नगर निगम अथवा नगर पालिका के प्रतिनिधि विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्म सहयोगी संस्थाएं यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, यूएनडीपी, रोटरी एवं स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

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