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जशपुर : जिले में आदिवासी कला एवं संस्कृति को समेटे हुए बनाया गया है सरना एथनिक रिसाॅर्ट
रिसाॅर्ट में प्रतिदिन 400-500 सैलानी करते है विजिट

जशपुर : जिले में आदिवासी कला, एवं संस्कृति को समेंटते हुए जशपुर विकासखंड के बालाझापर में स्वदेश दर्शन योजना अंतर्गत  भारत सरकार के ट्रायबल टूरिज्म सर्किट के तहत् 13 करोड़ 10 लाख की लागत से जशपुर से लगे बालाछापर गांव में स्थानीय परिवेश को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ सरना एथनिक रिसाॅर्ट (ट्रायबल टूरिज्म सर्किट ) का निर्माण किया गया। यह निर्माण कार्य साढ़े चार एकड़ रकबे में कराया गया है।
 
जहां जशपुर जिले के पुरातत्व, कला-संस्कृति एवं आदिवासी जीवन शैली की अद्भूत छटा को इस चार एकड़ रकबे में समेटा गया है। जो बेहतर सुदंर एवं कलाकृतियों से विद्यमान है।

 छत्तीसगढ़ सरना एथनिक रिसाॅर्ट का शुभारंभ  छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से की गई है। रिसाॅर्ट की मुख्य द्वार के पीलर पर जशपुर के हर्राडीपा शैली की पत्थर की मूर्तियां लगाई गई है।
 
यहां लैण्डस्केप तथा ओपन एमपी थिएटर सहित ईको लग हट्स का निर्माण कराया गया है। जशपुर जिले के पुरातात्विक स्थल पर विद्यमान पत्थर की मूर्तियों को ध्यान में रखते हुए उसी शैली में पत्थर की मूर्तियां बनाई गई है। जिसे मुख्यद्वार पर लगाया गया है।

भारत सरकार के स्वदेश दर्शन योजना के तहत् भारत सरकार का उपक्रम टेली कम्यूनिकेश्न कंन्सलटेंट इंडिया लिमिटेड नई दिल्ली द्वारा इसका निर्माण किया गया है। बालाछापर में 1.65 हेक्टेयर में एथनिक रिसोर्ट का निर्मित किया गया है।
 
रिसाॅर्ट में 6 वुडनकॉर्टेज, 18 पिलेज काॅटेज, 10 क्राफ्ट हट, एक कैफेटेरिया, 1 एम्फीथिएट, कांफ्रेस रूम, 3 टेंट प्लेटफॉर्म सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था पर्यटकों के लिए की गयी है। 01 नवम्बर से रिसाॅर्ट में बुकिंग प्रारंभ हो गया है।

रिसाॅर्ट जशपुर शहर से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां प्रतिदिन 400-500 पर्यटकों की भीड़ रिसाॅर्ट में होती है। जशपुर जिले में इस तरह के रिसाॅर्ट के निर्माण हो जाने से यहां की आदिवासी कल्चर एवं सस्कृति अन्य राज्य, देश  के पर्यटकों तक पहुंचेगी। रिसाॅर्ट के मैनेजर श्री आशीष तिर्की ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिदिन रिसाॅर्ट के सभी काॅटेज पूरी तरह के बुक होते है।

जशपुर जिला प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण होने से यहां पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रहती है। साथ ही उनके लिए आदिवासी कल्चर में रहना बेहद रोचक होता है। इन सभी कारणों से अभी 01 महीनें में ही रायपुर, बिलासपुर, भोपाल, सहित अन्य राज्य के लोग रिसाॅर्ट में बुकिंग कराकर जशपुर के पर्यटल स्थलों का आनंद ले चुके है।

श्री आशीष ने बताया कि जशपुर जिला आदिवासी कल्चर से जुड़ा हुआ है। जिसको देखते हुए रिसाॅर्ट में यहां के स्थानीय व्यंजनों का भी पर्यटक आनंद ले रहे हैै। जिससे बाहर के पर्यटकों को यहां के स्थानीय व्यंजनों के बारे में भी जानकारी होगी। उन्होंने बताया कि पर्यटकों को दृष्टिगत रखते हुए रिसाॅर्ट में सुविधा युक्त बनाया गया है।  

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