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जशपुर : दुरस्थ अंचल के किसानों को लघु और कुटीर उद्योग से जोड़ने के दिए निर्देश
किसानों को सामुदायिक, व्यक्तिग एवं सामुदायिक वनसंसाधन अधिकार पत्र से लाभांवित करने के लिए कहा

जल संरक्षण-संवर्धन के लिए नरवा प्रोजेक्टर के तहत् डीपीआर तैयार करेें 

वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुवा ने अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक

जशपुर : छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग तथा वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगुवा ने आज विश्राम गृह में वन विभाग, उद्यान कृषि, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, मछली पालन, विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में शासन की योजनाओं की जानकारी ली।
 
इस अवसर पर कलेक्टर श्री महादेव कावरे,  मुख्य वनसंरक्षण सरगुजा श्री ए.बी.मिंज, वनमण्डलाधिकारी श्री कृष्ण जाधव, जिला पंचायत सीईओ श्री के.एस.मण्डावी, श्री के.एस.मण्डावी,, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक श्री सी.आर.टेकाम, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के प्रबंधक श्री एम.एस.पैंकरा, तहसीलदार श्री लक्ष्मण राठिया, उपमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक जोगावत, वनमण्डलाधिकारी श्री एस.के.गुप्ता, एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे।

श्री पिंगुवा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की मंशा है कि दूरस्थ वनांचल के लोगों को सामुदायिक वन अधिकार पत्र, व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, सामुदायिक वनसंसाधान अधिकार पत्र से अधिक से अधिक लोगों को लाभांवित करने के लिए कहा है।
 
समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जशपुर जिले में खेती की अपार संभावनाएं है और यहां के किसान चाय, काॅफी, काजू, मिर्च, लीची, स्ट्राबेरी, नाशपत्ती की खेती से जुड़े हैं किसानों को अदरक, हल्दी, एवं अन्य खेती के लिए भी प्रोत्साहित करें ताकि कम लागत से वे अपनी अच्छी आमदनी अर्जित कर सके।

उन्होंने किसानों को लाभांवित करने के लिए वन विभाग और उद्यान विभाग के माध्यम से नर्सरी फलदार पौधे लगाकर शासन की योजना के तहत् वितरण करने के निर्देश दिए है ताकि फल के उत्पादन से भी किसान अपनी आमदनी अर्जित कर सके।

उन्होंने कहा कि किसानों, स्व-सहायता समूह को लाभांवित करने के लिए छोटे-छोटे कुटीर उद्योग, लघु उद्योग को भी बढ़ावा दे ताकि दूरस्थ अंचल के किसान उद्योग से जुड़ सके और अपनी आमदनी बढ़ा सके। उन्होंने अधिकारियों को वन अधिकार अधिनियम की भी जानकारी ली। और अधिनियम के तहत् वनांचल मंे निवास करने वाले लोगों को लाभांवित करने के लिए भी कहा।
 
उन्होंने कहा कि पूर्व में वन अधिकार पत्र से जिन हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। उनको मनरेगा के तहत् भी भूमि समतलीकरण एवं अन्य योजनाओं का लाभ दें। उन्होंने उद्योग अधिकारी को प्रधानमंत्री स्वरोजगार, एवं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से छोटे-छोटे कुटीर एवं लघु उद्योग के लिए लोन की राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है ताकि वे रोजगार से जुड़ सके।

उन्होंने नरूवा, गरूवा, घुरूवा बाड़ी योजना के तहत् जलसंरक्षण एवं संर्वधन के लिए नाले के लिए डीपीआर तैयार करने के भी निर्देश दिए है। कलेक्टर श्री महादेव कावरे ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में किसानों को लाभांवित करने के लिए सन्ना क्षेत्र में खनिज न्यास निधि मद से जिला शासन द्वारा मिर्च की ख्ेाती को अधिक बढ़ावा देने किसानों के लिए 55 लाख की लागत से प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किया गया है।
 
खनिज न्यास निधि मद से विकासखंड बगीचा में माॅडल के तौर पर कुल 71 हैक्टेयर पर पाॅलीबैग गन्ना का उत्पादन किया जा रहा है। साथ ही गौठानों में वर्मी टांका भी निर्माण करने के निर्देश दिए गए है। वन विभाग के अंतर्गत आवर्ती चरई के तहत् चारागाह विकसित करने के लिए भी कहा गया है।

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