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बेमेतरा :  गिरदावरी कार्य शत् प्रतिशत संपन्न करने कलेक्टर ने दिए निर्देश
बेमेतरा : कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री शिव अनंत तायल ने आज गुरुवार को एक पत्र जारी कर गिरदावरी कार्य के संबंध मे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदार (समस्त) को आवश्यक निर्देश दिए जिसमे खरीफ वर्ष 2020-21 मे समर्थन मूल्य पर धान/मक्का उपार्जन के लिए पंजीयन हेतु गिरदावरी कार्य की समीक्षा की गई ।
 
सचिव द्वारा राजस्व अभिलेख की शुद्धता, समर्थन मूल्य पर धान/मक्का उपार्जन, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, आर.बी.सी 6-4 के प्रकरणों पर आर्थिक अनुदान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन मे गिरदावरी की शुद्धता पर बल दिया गया तथा गिरदावरी का कार्य 01 अगस्त 2020 से 20 सितम्बर 2020 तक पूर्ण कर लिये जाने का निर्देश दिया गया है । धान खरीदी हेतु किसानों का पंजीयन 16 अगस्त से प्रारंभ किया जाकर अक्टूबर माह के अंत तक चलता है । खरीफ सत्र मे धान एवं मक्का के विक्रय हेतु कृषक पंजीयन को आधार मानते हुए किसानों द्वारा बोये गये वास्तविक रकबा की खसरावार जानकारी, त्रुटिरहित तैयार की जावे तथा इस रकबे मे अन्य फसलों के रकबे को किसी भी स्थिति मे शामिल न किया जावे । इसी प्रकार मक्के के रकबे मे मक्के के अलावा अन्य फसल का पंजीयन नही किये जाने निर्देशित किया गया ।
 
गिरदावरी जांच के समय अनुपयोगी बंजर भूमि/पड़ती भूमि/नदी नाला की भूमि /निजी डबरी तालाब की भूमि/बनाये गये कच्चे पक्के शेड आदि को धान के रकबे मे शामिल नही किया जावे। पटवारी/राजस्व निरीक्षक गिरदावरी के समय कृषक द्वारा धारित भूमि का खसरा-वार फोटोग्राफ्स मोबाईल पर अनिवार्य रूप से लिया जावे तथा खसरा नम्बर का उल्लेख स्लेट मे किया जावे । फोटोग्राफ्स का प्रिंटआउट निकाले जाने की आवश्यकता नही है, किन्तु संबंधित राजस्व अधिकारी को डिजिटल माध्यम से प्रेषित किया जावे। भूमिस्वामी द्वारा बोयी गई फसल का विवरण भूईयां साफ्टवेयर मे अद्यतन किया जायेे, ताकि डेटा का उपयोग पंजीयन कार्य मे हो सके । गिरदावरी का रोस्टर पटवारी हल्कावार तैयार किया जावे एवं गिरदावरी कार्य की सूचना कृषकों, ग्राम पंचायतो को देते हुए मुनादी भी गांव मे कराया जावे, एवं पंचनामा तैयार किया जाये । पटवारी को गिरदावरी कार्य हेतु सभी खेतों मे जाना आवश्यक होगा ।
 
कृषि प्रयोजन से अन्य मद मे परिवर्तित भूमि का रकबा, धान के रकबे से हटाया जावे, इसी प्रकार भू अर्जन के प्रकरणों के आधार पर भी अर्जित रकबा धान के रकबे मे शामिल न हो, इसका ध्यान रखा जावे एवं सभी राजस्व अभिलेखों को फौती/बटवांरा होने की स्थिति मे दुरूस्त कर लिया जावे। 15 अगस्त पश्चात जिले के वरिष्ट अधिकारी व जांच दल द्वारा आकस्मिक रूप से गिरदावरी कार्य का निरीक्षण किया जावेगा, अतः गिरदावरी हेतु तैयारी पूर्ण रूप से करवा ली जाये । गिरदावरी कार्य निर्धारित अवधि 20 सितम्बर तक पूर्ण कर ली जावे, पश्चात इसका ग्रामवार प्रकाशन कर दावा आपत्ति प्राप्त किया जावे तथा दावा आपत्ति पर विचारोपरांत आवश्यकता होने पर अभिलेख दुरूस्त किया जावे ।

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